शब्दार्थ

सूर

soor

hinoun

अर्थ

प्रलय के दिन फूँका जाने वाला नरसिंघा या तुरही।

विस्तार

इस्लामी परंपरा में 'सूर' वह नरसिंघा या तुरही है जिसे क़यामत (प्रलय) के दिन हज़रत इसराफ़ील बजाएँगे और सब मुर्दे ज़िंदा हो उठेंगे। इस शे'र में आशिक़ कहता है कि उसका क़ातिल हश्र के दिन भी उससे झगड़ रहा है कि वह क्यों उठ खड़ा हुआ, मानो क़ातिल ने सूर की आवाज़ ही न सुनी हो। यह प्रलय और पुनरुत्थान के प्रतीक के रूप में प्रयुक्त हुआ है।

व्युत्पत्ति

Arabic صُور (ṣūr), meaning trumpet, horn, or clarion.

प्रयोग

In classical ghazal poetry, 'soor' is conventionally evoked alongside themes of death, resurrection, and the ultimate judgment of lovers and tyrants.

उदाहरण

सूर-ए-इसराफ़ील की सदा

आवाज़-ए-सूर का असर

समानार्थी

तुरहीनरसिंघाशंख

संबंधित शब्द

हश्रक़यामतइसराफ़ील
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