शब्दार्थ

सियाह-रोज़

siyāh-roz

hiadjective

अर्थ

दुर्भाग्यशाली, बदकिस्मत, बुरे दिनों वाला।

विस्तार

शाब्दिक रूप से 'काले दिनों वाला', जिसका अर्थ दुर्भाग्यशाली अथवा निरंतर दुखों से घिरा व्यक्ति है। इस शेर में यह 'बख़्त' (किस्मत) की विशेषता बताकर शायर की प्रत्यक्ष बदहाली और पीड़ा को उजागर करता है। शास्त्रीय उर्दू शायरी में यह शब्द अभागे प्रेमी की बेबसी दर्शाने के लिए प्रयुक्त होता है।

व्युत्पत्ति

Persian compound of 'siyāh' (black, dark) + 'roz' (day).

प्रयोग

Frequently deployed in the ghazal tradition to evoke the archetype of the ill-fated lover burdened by grief and ill fortune.

उदाहरण

सियाह-रोज़ आशिक़ की तन्हाई

बख़्त-ए-सियाह-रोज़ का रोना

समानार्थी

बद-क़िस्मतकम-बख़्तबद-नसीब

संबंधित शब्द

सियाह-बख़्तरोज़-ए-बदसियाही
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