शब्दार्थ

सियाह-ख़ाल

siyah-khal

hinoun

अर्थ

काला तिल; काले तिल वाला अथवा वाली।

विस्तार

उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'सियाह-ख़ाल' से मुराद महबूब के चेहरे पर मौजूद काला तिल है, जो आकर्षण और हुस्न का परिचायक है। प्रस्तुत शेर में इस काले तिल को चोरों का अड्डा (थांग) बताया गया है जहाँ से महबूब का नया ख़त पूरे मुल्क को लूट रहा है। यह शब्द रूप-सौंदर्य के उस जादू को दिखाता है जो आशिक़ को विचलित और तबाह कर देता है।

व्युत्पत्ति

Persian: compound of 'siyāh' (black, dark) and 'khāl' (mole, beauty spot).

प्रयोग

In classical ghazal, the beloved's black mole is a conventional metaphor for a fatal snare or a jewel of bewitching beauty.

उदाहरण

रुख़-ए-रौशन पे वो सियाह-ख़ाल का हुस्न

इक सियाह-ख़ाल पे सदक़े हुआ आशिक़ का दिल

समानार्थी

ख़ाल-ए-सियाहकाला तिलतिल

संबंधित शब्द

ख़तरुख़्सारज़ुल्फ़हुस्न
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