शब्दार्थ
सुमरन
sumran
hinoun, feminine
अर्थ
ईश्वर या प्रियतम का नाम जपना, याद अथवा माला।
विस्तार
'सुमरन' का अर्थ निरंतर स्मरण, नाम-जप अथवा तस्बीह के मनकों को फेरना है। प्रस्तुत शे'र में यह नज़्अ (मृत्यु की घड़ी) में भी माशूक़ या ख़ुदा के नाम के अटूट ज़िक्र को दर्शाता है। यह शास्त्रीय उर्दू में सूफ़ी और भक्ति परंपरा के गहरे भाषाई संगम को प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit स्मरण (smaraṇa, 'remembrance, recollection'), evolving through Prakrit into Braj Bhasha and early Urdu/Rekhta.
प्रयोग
Common in early Rekhta and classical ghazals to evoke meditative, heartfelt remembrance alongside traditional Islamic motifs like the tasbih.
उदाहरण
हर साँस में बस उसी के नाम की सुमरन है।
दिल की तस्बीह पे जारी रहा सुमरन उसका।
समानार्थी
स्मरणयादज़िक्रजाप
संबंधित शब्द
तस्बीहमनकामाला
