शब्दार्थ
सुमूम
samoom
hinoun
अर्थ
अत्यंत गर्म, झुलसाने वाली विषैली हवा; लू।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'सुमूम' से आशय मरुस्थल की उस अत्यंत गर्म और झुलसा देने वाली हवा से है जो चमन को उजाड़ देती है। इस शे'र में शायर शीतल 'नसीम' (मंद बयार) के सुमूम जैसी लगने पर चकित होकर पूछता है कि वह किस दिलजले की राख उड़ा लाई है। यह शब्द विरह की भयंकर तपन और आंतरिक जलन को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (سَمُوم), derived from the triconsonantal root s-m-m (س-م-م), relating to poison or scorching heat.
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'samoom' is frequently contrasted with 'naseem' (gentle morning breeze) to show how an environment of joy turns into destructive sorrow.
उदाहरण
चली सुमूम तो सारा चमन झुलस के रहा
नसीम भी मुझे अब तो सुमूम लगती है
समानार्थी
लूगर्म हवाबाद-ए-गर्म
संबंधित शब्द
नसीमसोज़तपीशख़ाक
