शब्दार्थ
सँभल
sanbhal
hiverb
अर्थ
सतर्क होना, संभलना या ख़ुद को थामना।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'सँभल' का प्रयोग संतुलन पाने, सतर्क रहने या संयम बरतने के अर्थ में होता है। प्रस्तुत शे'र में यह सैलाब को चेतावनी के रूप में कहा गया है कि वह रेगिस्तान में होशयारी से क़दम रखे क्योंकि वहाँ आशिक़ की प्यास दफ़्न है। यह शब्द आवेग के मुक़ाबले एहतियात और गंभीरता का बोध कराता है।
व्युत्पत्ति
Derived through Prakrit from Sanskrit सम्भाल (sambhāla - maintaining, sustaining).
प्रयोग
Frequently used as an imperative apostrophe addressed to the poet's own heart, cautioning against the intoxicating perils of beauty and love.
उदाहरण
सँभल कर चल कि राह-ए-इश्क़ में ख़तरे बहुत हैं
सँभल ऐ दिल कहीं फिर से फ़रेब-ए-जाँ न खाए
समानार्थी
सतर्क होहोशियार रहथाम ले
संबंधित शब्द
सँभलनासँभालसँभालना
