शब्दार्थ

सुभाव

subhāv

hinoun

अर्थ

स्वभाव, आदत, मिज़ाज या मूल प्रकृति।

विस्तार

काव्य परंपरा में 'सुभाव' का अर्थ किसी की मूल प्रकृति, आदत या मिज़ाज होता है। इस शे'र में आशिक़ माशूक़ की नाहक़ ज़ुल्म व कत्ल करने की आदत पर शिकवा कर रहा है। यह दर्शाता है कि सितम ढाना अब माशूक़ की स्वाभाविक आदत बन चुकी है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit 'svabhāva' (स्वभाव: sva + bhāva), assimilated into Prakrit, Braj Bhasha, and classical Hindustani/Urdu as 'subhāv'.

प्रयोग

Frequently found in early Rekhta and classical ghazal as an Indic counterpart to the Persian-Arabic 'mizāj' or 'fitrat'.

उदाहरण

यह कैसा ज़ालिम सुभाव है तुम्हारा

वफ़ा करना तो हमारा सुभाव है

समानार्थी

स्वभावमिज़ाजफ़ितरतआदत

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