शब्दार्थ
सोफ़ार
sofār
hinoun
अर्थ
तीर का पिछला खाँचा जहाँ कमान की डोरी टिकती है।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'सोफ़ार' तीर के उस पिछले खाँचे को कहते हैं जिसे कमान की प्रत्यंचा पर चढ़ाया जाता है। ग़ज़ल की परंपरा में जब तीर शरीर में इतने गहरे धंस जाता है कि सिर्फ़ उसका पिछला सिरा दिखता है, तो उस गहरी चोट को दर्शाने के लिए सोफ़ार कहा जाता है। प्रस्तुत शेर में यह माशूक़ के सितम के उन तीरों को दिखाता है जो सीने में गहराई तक गड़े हुए हैं।
व्युत्पत्ति
Persian سوفار (sofār)
प्रयोग
Commonly invoked in classical Urdu poetry to depict extreme physical or emotional torment caused by arrows embedded up to the very notch.
उदाहरण
दिल में सोफ़ार तक पैवस्त
तीर-ए-सितम का सोफ़ार
समानार्थी
खाँचादंदाना
संबंधित शब्द
तीरपैकानकमानचिला
