शब्दार्थ
सुफ़रा
sufra
hinoun
अर्थ
दस्तरख़्वान, खाने की बिसात या चादर।
विस्तार
'सुफ़रा' उस कपड़े या बिछावन (दस्तरख़्वान) को कहते हैं जिस पर भोजन परोसा जाता है। प्रस्तुत शेर में यह उस बिसात का प्रतीक है जहाँ आतिश-ए-पिन्हाँ जैसी शराब के साथ समंदर (अग्नि-जीव) के दिल का कबाब सजाया जा रहा है। काव्य में यह इश्क़ की तपन, दावत और दिल के जलने की मजलिस का रूपक बांधता है।
व्युत्पत्ति
Arabic origin ('sufrah'), originally referring to food provision for a journey, later extending to the leather bag or cloth on which food is laid.
प्रयोग
In classical Urdu and Persian ghazals, it is frequently used to evoke motifs of generous hospitality, the shared feast, or the grim spread of fate.
उदाहरण
सुफ़रा-ए-करम पर हर ज़रूरतमंद का हिस्सा था।
इश्क़ के सुफ़रे पर सिवाए ग़म कुछ न मिला।
समानार्थी
दस्तरख़्वानबिसातमाएदा
संबंधित शब्द
दस्तरख़्वानमाएदाकबाबज़ियाफ़त
