शब्दार्थ

सीना-चाकी

sīna-chākī

hinoun

अर्थ

शोक या पागलपन में सीना फाड़ना या चीरना।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'सीना-चाकी' का आशय तीव्र विरह, शोक अथवा दीवानेपन में अपने सीने को चीरने या घायल करने की क्रिया से है। प्रस्तुत शेर में शायर व्यंग्य करता है कि जब तक कोई अन्य काम न हो, तब तक सीना चीरना भी एक उपयोगी काम बन सकता है।

व्युत्पत्ति

Persian compound formed from 'sīna' (chest, bosom) and 'chāk' (cleft, rent) with the abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

A common trope in the ghazal tradition used to symbolize the pinnacle of madness (junūn) and the physical manifestation of inner agony.

उदाहरण

सीना-चाकी का हुनर भी आशिक़ी में काम आया।

शब-ए-ग़म में सीना-चाकी के सिवा कोई चारा न था।

समानार्थी

सीना-फ़िगारीगरेबाँ-दरीदामन-चाकी

संबंधित शब्द

सीनाचाकचाक-ए-दामनगरेबाँ
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