शब्दार्थ

सुनाऊँ

sunaa'un

hi

अर्थ

किसे कहूँ या बयान करूँ; हाल सुनाने की क्रिया।

विस्तार

'सुनाऊँ' क्रिया 'सुनाना' का उत्तम पुरुष एकवचन संभाव्य/इच्छासूचक रूप है। प्रस्तुत शेर में यह बेबसी और एकाकीपन को व्यक्त करने वाले एक इस्तेफ़हाम (प्रश्नोक्ति) के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ आशिक़ के दर्द और हसरतों का गिला सुनने वाला कोई क़द्रदान मौजूद नहीं है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit श्रावयति (śrāvayati, causes to hear), causative of शृणोति (śṛṇoti, hears), through Prakrit सावेइ (sāvei) into Hindustani.

उदाहरण

To whom should I narrate the story of my desolate heart?

May I recite my grief if you grant me a moment to speak.

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