शब्दार्थ

सुनो

suno

hiverb

अर्थ

सुनो, कान धरो, ध्यान दो (आदेश/अनुरोध)।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'सुनो' क्रिया 'सुनना' का मध्यम पुरुष आज्ञार्थक रूप है। इस शेर में यह नैतिक परामर्श के तौर पर आया है, जहाँ बुराई करने वालों की बातों को अनसुना करने की सलाह दी गई है। यह आत्मसंयम और सहिष्णुता का संदेश देता है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit śṛṇoti (hears) via Prakrit suṇaï into Old Hindi/Hindustani sunnā.

प्रयोग

Commonly employed in ghazals to entreat the beloved to heed the poet's laments, or as an address to the reader in didactic verses.

उदाहरण

दिल की बात ज़रा सुनो तो सही।

ग़ैरों की बातों को न सुनो।

समानार्थी

कान धरोध्यान दो

संबंधित शब्द

सुननासुनानासुनाई
← शब्दकोश पर वापस