शब्दार्थ
साथ
saath
hipostposition
अर्थ
के संग, साथ में, मिलाकर या की संगति में।
विस्तार
शायरी में 'साथ' संबंधबोधक या क्रियाविशेषण के रूप में संगति, साहचर्य अथवा मेल को प्रकट करता है। प्रस्तुत शेर में 'के साथ' का प्रयोग इश्क़ के बीमार और उसकी पीड़ा के अटूट संबंध तथा उसके प्रभाव को दर्शाने के लिए हुआ है। यह व्यक्त करता है कि इस रोग के साथ जीवन का निर्वाह असंभव है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit सार्थ (sārtha) via Prakrit sattha.
प्रयोग
In classical ghazal, 'saath' is commonly employed with the possessive marker 'ke saath' to denote companionship, fate's partnership, or contrasting associations.
उदाहरण
दर्द भी साथ चला आख़िर-ए-शब तक
कौन देता है किसी का साथ इस जहाँ में
समानार्थी
संगहमराहसहित
संबंधित शब्द
साथीसंगातहमराही
