शब्दार्थ

सिड़ी

siṛī

hiadjective

अर्थ

पागल, सनकी, बावला या विक्षिप्त व्यक्ति।

विस्तार

काव्य में 'सिड़ी' का अर्थ सनकी, बावला अथवा मतिभ्रम का शिकार व्यक्ति है। प्रस्तुत शेर में दुनिया को पागलों का घर (वहशत-कदा) बताते हुए कवि कहता है कि यहाँ रहने वाला हर शख़्स किसी न किसी रूप में दीवाना या सिड़ी है। यह शब्द प्रेम या दुनियावी कष्टों से उपजे मानसिक असंतुलन को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Indo-Aryan, related to 'sir' (head), implying someone with an impaired or affected mind.

प्रयोग

A colloquial Hindustani word occasionally deployed in Urdu ghazals alongside formal Persian and Arabic terms to evoke varied gradations of madness.

उदाहरण

सारे शहर में लोग उसे सिड़ी समझने लगे।

इश्क़ के चक्कर में वह बिल्कुल सिड़ी हो गया।

समानार्थी

पागलसनकीबावलाविक्षिप्त

संबंधित शब्द

ख़ब्तीमजनूनदीवानावहशत
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