शब्दार्थ
संजाब
sanjāb
hinoun
अर्थ
गिलहरी की खाल या कीमती रोयेंदार फर।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'संजाब' से तात्पर्य गिलहरी के कीमती रोयेंदार फर से है, जो रईसों के गर्म कपड़ों में लगाया जाता था। इस शे'र में यह 'क़ाक़ुम' (सफेद फर) के साथ अमीर वर्ग के ऐशो-आराम और ठाट-बाट के प्रतीक के रूप में आया है। यह दर्शाता है कि समय और रात दोनों के लिए बराबर बीतते हैं, चाहे किसी के पास कीमती संजाब हो या वह नंगा हो।
व्युत्पत्ति
Persian (سنجاب - sanjāb), denoting the grey squirrel and its prized pelt.
प्रयोग
Conventionally paired with 'qāqum' in classical ghazal poetry to epitomize elite luxury in contrast with ascetic austerity.
उदाहरण
क़ाक़ुम ओ संजाब की ज़ेबो-ज़ीनत
लिबास-ए-संजाब की बेमअ'नी राहत
समानार्थी
समूरख़ज़फर
संबंधित शब्द
क़ाक़ुमसमूरपोस्तीनख़ज़
