शब्दार्थ

साज़द

sāzad

hiverb

अर्थ

अनुकूल होता है, मेल खाता है, समझौता करता है

विस्तार

यह फ़ारसी क्रिया 'साख़्तन' (रचना, मेल खाना) का वर्तमान काल तृतीय पुरुष एकवचन रूप है, जिसका अर्थ 'अनुकूल होना' या 'निभाना' है। प्रस्तुत शेर में इसका प्रयोग ज़माने या परिस्थितियों के व्यक्ति के अनुकूल न होने के भाव में हुआ है। यह निष्क्रिय समझौते के बजाय हालात से टकराने की प्रेरणा देता है।

व्युत्पत्ति

Persian, present stem 'sāz-' of the infinitive 'sākhtan' (to make, prepare, accord) with the 3rd person singular verbal suffix '-ad'.

प्रयोग

Commonly encountered in Urdu poetry through classical Persian aphorisms regarding fortune and worldly compromise.

उदाहरण

ज़माना बा तो न साज़द

अगर बा कस न साज़द गर्दिश-ए-ज़माना

समानार्थी

मुवाफ़िक़ होनामेल खानारास आना

संबंधित शब्द

साज़साख़्तनब-साज़साज़गार
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