शब्दार्थ

सोज़ाँ

sozāñ

hiadjective

अर्थ

जलता हुआ, प्रज्वलित, तप्त या दहकता हुआ।

विस्तार

शाब्दिक रूप से इसका अर्थ जलता हुआ या प्रज्वलित है। उर्दू शायरी में यह विशेषण प्रायः 'दिल' या 'आह' के साथ लगकर प्रेम की तपन और विरह की आग को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में 'दिल-ए-सोज़ाँ' प्रेमी के उस दहकते हुए दिल को दर्शाता है जिसकी अग्नि बिजली से भी अधिक विनाशक है।

व्युत्पत्ति

Persian (سوزان), present participle of 'sōkhtan' (to burn).

प्रयोग

Frequently paired via izafat with 'dil' or 'āh' in classical ghazal poetry to denote deep affective suffering.

उदाहरण

दिल-ए-सोज़ाँ की तपन

आह-ए-सोज़ाँ का धुआँ

समानार्थी

आतिशींजलता हुआपुर-सोज़फ़रोज़ाँ

संबंधित शब्द

सोज़सोज़िशसोज़-ओ-गुदाज़
← शब्दकोश पर वापस