शब्दार्थ

सुख़न-साज़

sukhan-saaz

hiadjective

अर्थ

बातें बनाने वाला, वाक्पटु या चतुर।

विस्तार

शाब्दिक रूप से बातों को गढ़ने या रचने वाला; इसका तात्पर्य ऐसे व्यक्ति या अभिव्यक्ति से है जो वाक्पटु, चतुर या चिकनी-चुपड़ी बातें बनाने में माहिर हो। प्रस्तुत शेर में यह उस आँख की कारीगरी और चालाकी को दर्शाता है जो दिखावटी ढंग से बात तो करती है मगर दर्द या आँसुओं से खाली है।

व्युत्पत्ति

Persian: composed of 'sukhan' (word, speech) and 'sāz' (present stem of sākhtan, meaning maker or builder).

प्रयोग

In classical ghazal tradition, the word often carries an ambivalent or negative nuance, denoting rhetorical deceit or superficial cleverness over authentic feeling.

उदाहरण

सुख़न-साज़ की मीठी बातों पर एतबार मत करना।

उसकी आँखें भी सुख़न-साज़ निकलीं, दर्द से बिल्कुल खाली।

समानार्थी

चर्ब-ज़बानबातूनीअफ़साना-तराशवाक्पटु

संबंधित शब्द

सुख़नसुख़न-वरसुख़न-दानीसुख़न-फ़हम
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