शब्दार्थ
सुख़न-तराज़ी
sukhan-tarāzī
hinoun
अर्थ
काव्य-कला, वाक्पटुता या सुंदर व प्रभावोत्पादक शायरी।
विस्तार
सुललित शब्दों को सजाने और उत्कृष्ट कविता रचने की कला को सुख़न-तराज़ी कहते हैं। इस शेर में यह कवि की प्रभावशाली काव्य-रचना और कलात्मक अभिव्यक्ति को दर्शाता है, जिसने श्रोताओं के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है।
व्युत्पत्ति
Persian compound: sukhan (speech/discourse) + tarāzī (from tarāzīdan, meaning to adorn, arrange, or carve).
प्रयोग
Commonly used in classical ghazals (often in the maqta) where the poet boasts of their own stylistic elegance and linguistic flair.
उदाहरण
महफ़िल में उनकी सुख़न-तराज़ी की धूम मची हुई थी।
यह असर सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का नहीं, बल्कि उनकी सुख़न-तराज़ी का है।
समानार्थी
शाइरीफ़साहतबलाग़तकलाम-गोई
संबंधित शब्द
सुख़न-वरसुख़न-फ़हमसुख़न-गोई
