शब्दार्थ

सैक़ल

saiqal

hinoun

अर्थ

सफ़ाई, चमक, धातु या आईने को माँज कर चमकाने की क्रिया

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'सैक़ल' का अर्थ दर्पण या धातु पर से ज़ंग छुड़ाकर उसे चमकाने की क्रिया है। प्रस्तुत शेर में 'हवा-ए-सैक़ल' के ज़रिए उस हवा का वर्णन है जो दर्पण को चमकाने के बजाय बरसात में उस पर काई या सब्ज़ी ला देती है। सूफ़ी और ग़ज़ल परंपरा में यह शब्द दिल की सफ़ाई और रूहानी निखार के रूपक के तौर पर भी प्रयुक्त होता है।

व्युत्पत्ति

Arabic root ص-ق-ل (ṣ-q-l), meaning to polish, smooth, or burnish.

प्रयोग

Frequently paired with 'aaina' (mirror) or 'shamsheer' (sword) in classical ghazal to symbolize spiritual purification or refinement.

उदाहरण

सैक़ल-ए-आईना-ए-दिल

सैक़ल से चमकी हुई शमशीर

समानार्थी

जलाचमकसफ़ाईपालिश

संबंधित शब्द

सैक़लग़रजलाज़ंगारआईना
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