शब्दार्थ
सिए
siye
hiverb participle
अर्थ
सिले हुए, टाँके लगे हुए या बंद किए हुए।
विस्तार
प्रस्तुत शे'र में 'सिए' शब्द 'सीना' (सिलाई करना) क्रिया का रूप है, जो यहाँ 'आँखें सिए रहना' मुहावरे के रूप में आया है। इसका अर्थ आँखें बंद रखना या नज़रें फेर लेना है। यह महबूबों की बेरुखी और प्रेमी के टुकड़े-टुकड़े दिल की ओर ध्यान न देने के भाव को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Inherited from Sanskrit 'सीव्यति' (sīvyati, meaning 'to sew' or 'stitch') through Prakrit into Hindustani.
प्रयोग
In ghazal poetry, stitching eyes or lips typically symbolizes intense endurance, forced silence, or intentional indifference.
उदाहरण
लब सिए बैठे रहे हम बज़्म में
ज़ख़्म-ए-दिल सिए नहीं जाते
समानार्थी
सिलेटाँकेबंद
संबंधित शब्द
सीनासिलाईसुईचाक
