शब्दार्थ

साअद

sā'id

hinoun

अर्थ

कलाई या अग्रबाहु; बांह का निचला हिस्सा।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'साअद' का तात्पर्य कलाई अथवा अग्रबाहु (केहुनी से हथेली तक का भाग) से है, जिसे रूप और कोमलता का प्रतीक माना जाता है। प्रस्तुत शेर में 'साअद-ए-सीमीं' (चांदी जैसी गोरी कलाई) महबूब के नाज़ुक हाथों के लिए प्रयुक्त हुआ है। यह प्रेमी के पूर्ण विश्वास, निकटता और बाद में मिलने वाले धोखे को उजागर करता है।

व्युत्पत्ति

Arabic (ساعد, sā'id), meaning forearm.

प्रयोग

Conventionally paired with epithets like 'sīmīn' (silvery/fair) in the ghazal tradition to idealize the beloved's physical charm.

उदाहरण

साअद-ए-सीमीं की चमक

साअद-ए-नाज़ुक पर सर रखना

समानार्थी

कलाईअग्रबाहुबाज़ू

संबंधित शब्द

साअद-ए-सीमींदस्ते-नाज़ुककलाईबाज़ू
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