शब्दार्थ
शश-जहत
shash-jihat
hinoun
अर्थ
छहों दिशाएँ; संपूर्ण संसार या समस्त आयाम।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ छहों दिशाएँ (पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, ऊपर, नीचे) हैं, जो संपूर्ण भौतिक जगत का प्रतीक हैं। इस शे'र में यह प्रतीक्षा के सर्वव्यापी विस्तार को दर्शाता है, जहाँ दर्पण का फर्श हर दिशा में बिछा हुआ है।
व्युत्पत्ति
Persian 'shash' (six) compounded with Arabic 'jihat' (directions/sides, plural of jiha).
प्रयोग
Commonly used in classical ghazals and metaphysical poetry to convey the complete totality of spatial reality or cosmic perception.
उदाहरण
शश-जहत में तिरी ही तलाश है
फ़र्श-ए-शश-जहत पर फैली ख़ामोशी
समानार्थी
शश-जिहतछहों दिशाएँआफ़ाक़
संबंधित शब्द
जहतचार-सूआलमसिम्त
