शब्दार्थ
शश-जिहत-आफ़ाक़
shash-jihat-āfāq
hinoun
अर्थ
संसार की छहों दिशाएँ; संपूर्ण भौतिक जगत।
विस्तार
यह समस्त दिक्-काल और भौतिक ब्रह्मांड की छहों दिशाओं (ऊपर, नीचे, आगे, पीछे, दाएँ, बाएँ) का वाचक है। प्रस्तुत शेर में यह उस दृश्य जगत को दर्शाता है जो इश्क़ की बेपरवाही के कारण क़ैदख़ाने की अंधी दीवार या विमुख आँख के समान नीरस और व्यर्थ हो चुका है।
व्युत्पत्ति
Compound of Persian 'shash' (six) + Arabic 'jihat' (directions) + Arabic 'āfāq' (horizons, worlds).
प्रयोग
Commonly invoked in classical poetry to emphasize the spatial confinement of the worldly cosmos as opposed to infinite divine or spiritual realms.
उदाहरण
शश-जिहत-आफ़ाक़ से परे रूह की परवाज़
शश-जिहत-आफ़ाक़ के दाम में गिरफ़्तार दिल
समानार्थी
कौन-ओ-मकाँआलम-ए-इमकानदहर
संबंधित शब्द
शश-जिहतआफ़ाक़आलमकौन-ओ-मकाँ
