शब्दार्थ
शरह
sharah
hinoun
अर्थ
व्याख्या, विवरण, बयान या तफ़सील।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'शरह' का अर्थ किसी बात की व्याख्या, तफ़सील या बयान करना होता है। इस शेर में इसका प्रयोग अपनी 'ख़स्ता-जानी' यानी जर्जर और दुखी अवस्था को विस्तार से बयाँ करने के संदर्भ में हुआ है। शायर अपनी तिल-तिल कर गुज़रने वाली ज़िंदगी के दर्द का विवरण देने की बेबसी ज़ाहिर करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root sh-r-h (ش-ر-ح), meaning to open up, dissect, explain, or elucidate.
प्रयोग
Frequently used in classical ghazal to introduce the impossible task of explaining one's intense emotional suffering.
उदाहरण
शरह-ए-हाल-ए-दिल
शरह-ए-ग़म
समानार्थी
बयानतफ़सीलव्याख्यातशरीह
संबंधित शब्द
शारेहतशरीहख़स्ता-जानी
