शब्दार्थ
शरर-फ़ुर्सत
sharar-fursat
hiadjective
अर्थ
चिनगारी की तरह क्षणिक या अल्पकालिक।
विस्तार
यह एक सामासिक विशेषण है जिसका शाब्दिक अर्थ है चिनगारी की मानिंद बेहद अल्पकालिक जीवन रखने वाला। प्रस्तुत शे’र में यह 'निगह' (दृष्टि) का विशेषण है, जो यह दर्शाता है कि एक पल की क्षणभंगुर नज़र भी एक पूरे जहान को रोशन करने का दम रखती है। यह नश्वरता और आंतरिक विस्तार के दार्शनिक विरोधाभास को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
From Arabic 'sharar' (spark) and Arabic 'furṣah/fursat' (opportunity, span of time), joined into a Persian-style compound.
प्रयोग
In classical Urdu poetry, especially in Ghalib's Sabk-e-Hindi style, it is employed to portray the evanescent, spark-like nature of human life and perception.
उदाहरण
हस्ती-ए-शरर-फ़ुर्सत पर इतना गुमान कैसा
एक शरर-फ़ुर्सत जलवे ने रात रोशन कर दी
समानार्थी
क्षणभंगुरनापाएदारअल्पकालिकदम-भर
संबंधित शब्द
शररफ़ुर्सतनिगहचराग़ाँ
