शब्दार्थ
शरमाए
sharmā'e
hiverb
अर्थ
लज्जित करे, शर्मिंदा करे या पानी-पानी करे।
विस्तार
इस शेर में 'शरमाए' का प्रयोग बद्दुआ या कोसने के रूप में हुआ है, जिसका अर्थ है 'ईश्वर लज्जित करे'। शायर अपने ही अधीर हाथों को कोसता है जो दीवानगी में कभी खुद का गिरेबान चाक करते हैं और कभी माशूक़ का दामन थामते हैं।
व्युत्पत्ति
From the Persian noun 'sharm' (شرم - shame, bashfulness) adapted into Hindustani with verbal inflection.
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it is employed both transitively as an imprecation ('to put to shame') and intransitively to describe the modest blushing of the beloved.
उदाहरण
कोई उस शोख़ को कैसे शरमाए
ख़ुदा उस ज़ालिम को शरमाए
समानार्थी
लजाएशर्मिंदा करेझेंपे
संबंधित शब्द
शर्मशरमानाशर्मसार
