शब्दार्थ

शर्क़

sharq

hinoun

अर्थ

पूर्व दिशा, मसरिक़।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'शर्क़' का अर्थ पूर्व दिशा या प्राच्य जगत है। इस शेर में यह 'शर्क़-ओ-ग़र्ब' (पूर्व और पश्चिम) के युग्म में प्रयुक्त होकर संपूर्ण विश्व की विजय और विस्तार का संकेत करता है। यह आध्यात्मिक और बौद्धिक प्रभुत्व के संदर्भ में आया है।

व्युत्पत्ति

Arabic (ش ر ق - sh-r-q, relating to the rising of the sun / dawn).

प्रयोग

Commonly paired with 'ग़र्ब' (West) in classical ghazal and nazm to poetically signify the entire globe or universal expanse.

उदाहरण

शर्क़ से ग़र्ब तक फैला है नूर-ए-सहर।

हर दिल में शर्क़-ओ-ग़र्ब की दास्ताँ रक़म है।

समानार्थी

मशरिक़पूरबख़ावर

संबंधित शब्द

मशरिक़इशराक़मशरिक़ैनशर्क़ी
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