शब्दार्थ
शफ़क़
shafaq
hinoun
अर्थ
सूर्यास्त या गोधूलि के समय आकाश की रक्तिम आभा।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'शफ़क़' का अर्थ सूर्यास्त या भोर के समय आकाश में छाने वाली लाली है। इस शेर में यह आशिक़ के लहूलुहान दिल और ख़ूनी आंसुओं के सुर्ख़ रंग का रूपक है। यह विरह, उदासी और दिल के गहरे ज़ख़्मों की रक्तिम छटा को चित्रित करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (شَفَق), signifying twilight, evening twilight, or tender affection.
प्रयोग
In the ghazal tradition, shafaq is frequently invoked to symbolize bleeding wounds, the pain of parting at twilight, and transient beauty.
उदाहरण
शफ़क़ के रंग में डूबी हुई उदास शाम
शफ़क़-ए-शाम-ए-ग़म का रक्तिम मंज़र
समानार्थी
अरुणिमासंध्या-लालीसुर्ख़ी
संबंधित शब्द
शामसुर्ख़ीसहरउफ़क़
