शब्दार्थ
शीरीं-बयानी
shīrīñ-bayānī
hinoun
अर्थ
मीठी बोली, मधुर भाषण अथवा बातों की मिठास।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'शीरीं-बयानी' से तात्पर्य ऐसी मधुर और प्रभावी वाणी से है जो सुनने वाले पर गहरा असर डाले। इस शे'र में यह रक़ीब (ग़ैर) की चिकनी-चुपड़ी और असरदार बातों को दर्शाता है जिसने महबूब को अपने वश में कर लिया, जबकि सच्चा प्रेमी ख़ामोश होने के कारण उपेक्षित रह जाता है।
व्युत्पत्ति
Persian 'shīrīn' (sweet) + Arabic 'bayān' (speech, exposition, eloquence) + Persian abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
In the ghazal, it is frequently contrasted with 'be-zabānī' (tonguelessness) or grief-induced silence to set deceitful charm against authentic, silent love.
उदाहरण
उनकी शीरीं-बयानी ने पूरी महफ़िल को मोह लिया।
रक़ीब की शीरीं-बयानी आख़िरकार अपना असर दिखा गई।
समानार्थी
शीरीं-कलामीख़ुश-गोईमधुरभाषिताचर्ब-ज़बानी
संबंधित शब्द
शीरींबयानशीरीं-कलामबे-ज़बानी
