शब्दार्थ
शुरू
shuru
hinoun
अर्थ
आरंभ, प्रारंभ, आग़ाज़।
विस्तार
यह शब्द किसी कार्य, वृत्तांत अथवा घटना के आरंभ को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में यह 'क़िस्सा शुरू किया' के रूप में अपनी दास्तान या व्यथा सुनाने की शुरुआत के अर्थ में आया है। यह उस क्षण का सूचक है जिससे महबूब की नज़र-ए-इल्तिफ़ात या ताकीद जुड़ी है।
व्युत्पत्ति
From Arabic root sh-r-ʿ (ش-ر-ع), pertaining to entering upon, prescribing, or commencing.
प्रयोग
In classical ghazal, it frequently combines with 'करना' or appears in Persian compounds like 'शुरू-ए-इश्क़' to highlight the dawn of affliction or passion.
उदाहरण
शुरू-ए-इश्क़ में रोता है क्या
यहाँ से शुरू हुई दास्ताँ हमारी
समानार्थी
आग़ाज़इब्तिदाआरंभप्रारंभ
संबंधित शब्द
शुरूआतशुरू-ए-इश्क़इब्तिदाई
