शब्दार्थ

शिकस्ता-पाई

shikasta-paayi

hinoun

अर्थ

पैरों की लाचारी, लंगड़ापन अथवा चलने में असमर्थता।

विस्तार

इसका शाब्दिक अर्थ पैरों का टूटना या लंगड़ापन है, जो यात्रा में अत्यधिक थकावट या लाचारी को दर्शाता है। शायरी में यह विवशता, गतिहीनता या असफलता का रूपक है। प्रस्तुत शेर में यह एक अनोखे वरदान के रूप में आया है, जहाँ क़दमों की इसी असमर्थता ने आशिक़ को तलब की राह में मुँह के बल गिरने से बचा लिया।

व्युत्पत्ति

Persian compound formed from 'shikasta' (broken, past participle of shikastan) + 'pā' (foot) + abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

In the ghazal tradition, it is frequently contrasted with the unbridled passion of the heart, representing physical human limitation against infinite longing.

उदाहरण

शिकस्ता-पाई का गिला क्या करें इस सफ़र में

मंज़िल से दूर रखा हमें हमारी शिकस्ता-पाई ने

समानार्थी

दरमाँदगीमाज़ूरीआजिज़ीना-तवानी

संबंधित शब्द

शिकस्ताआबिला-पारह-रवख़ार-ए-मुग़ीलाँ
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