शब्दार्थ
शिकस्ता-पा
shikasta-pa
hiadjective
अर्थ
थका-मांदा, विवश, जिसके पाँव टूटे या थके हों।
विस्तार
शाब्दिक अर्थ 'टूटे पाँव वाला' है, परंतु काव्य में इसका भावार्थ थका-हारा, असहाय या विवश प्रेमी है। प्रस्तुत शेर में मीर स्वयं को माशूक़ के हरे-भरे बाग़ में एक बेबस और ख़स्ता-हाल काँटे के रूप में चित्रित करते हैं जो कहीं जाने के योग्य भी नहीं रहा।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'shikasta' (broken, fractured) and 'pā' (foot, leg).
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, it frequently symbolizes the fatigued lover who has worn himself down traversing the desolate path of passion.
उदाहरण
सहरा में भटका हुआ शिकस्ता-पा मुसाफ़िर
शिकस्ता-पा होकर राह-ए-तलब में बैठ जाना
समानार्थी
आबला-पादरमाँदाख़स्ता-हालथका-माँदा
संबंधित शब्द
शिकस्ताशिकस्तशिकस्ता-दिलपा-बरहना
