शब्दार्थ
शिकस्त
shikast
hinoun
अर्थ
टूट, पराजय, रंग का उड़ना या फीका पड़ना।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'शिकस्त' का मूल अर्थ टूटना, दरार या पराजय है। प्रस्तुत शेर में 'शिकस्त-ए-रंग' के रूप में यह फूल के रंग उड़ने या मुरझाने के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है। यहाँ यह परिवर्तन बहार की तीव्र गति के लिए चाबुक या एड़ का काम करता है।
व्युत्पत्ति
Persian, from the verb 'shikastan' (شکستن, to break, shatter).
प्रयोग
Frequently used in the ghazal tradition both for emotional grief ('shikast-e-dil') and the aesthetics of transience ('shikast-e-rang').
उदाहरण
शिकस्त-ए-दिल की सदा कोई सुन नहीं सकता।
शिकस्त-ए-रंग ने गुलशन की रौनक बदल दी।
समानार्थी
हारमातटूटनाज़वाल
संबंधित शब्द
शिकस्तगीशिकस्ताशिकस्ता-पा
