शब्दार्थ
शिकम
shikam
hinoun
अर्थ
पेट, उदर; लाक्षणिक रूप से सांसारिक भूख या भौतिक ज़रूरत।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ पेट या उदर है, परंतु काव्य में यह शारीरिक भूख, सांसारिक विवशता और क्षुद्र आवश्यकताओं का प्रतीक है। प्रस्तुत शेर में यह 'दिल' (आत्मिक स्वतंत्रता व आत्मसम्मान) के विपरीत आकर पेट भरने की लाचारी को दर्शाता है। यहाँ कवि मनुष्य को स्वाभिमान और मात्र शारीरिक जीवित रहने की गुलामी के बीच चुनाव करने का संदेश देता है।
व्युत्पत्ति
Persian 'shikam' (شکم), signifying the abdomen, belly, or stomach.
प्रयोग
In classical and modern Urdu poetry, 'shikam' is often contrasted with spiritual ideals to satirize compromising one's dignity for mere livelihood.
उदाहरण
शिकम की बंदगी ने छीन ली इज़्ज़त
दिल-ए-आज़ाद या फिर ख़िदमत-ए-शिकम
समानार्थी
पेटउदरजठर
संबंधित शब्द
शिकम-परवरशिकम-परस्तीनाफ़
