शब्दार्थ
शिकार-फ़रेब
shikar-fareb
hiadjective
अर्थ
शिकार को छलने वाला, फंसाने में माहिर शिकारी।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'शिकार-फ़रेब' का तात्पर्य ऐसे शिकारी या माशूक़ से है जो शिकार को आकर्षण या छल से अपने जाल में फंसा लेता है। इस शे'र में इसका प्रयोग महबूब के उस सम्मोहक और बला रूपी शिकारी अंदाज़ के लिए हुआ है जिसकी ओर शिकार (आशिक़) स्वयं खिंचा चला आता है। यह प्रेम की उस विचित्र दशा को दर्शाता है जहाँ आशिक़ शिकारी के जाल की राह तकता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound of 'shikar' (game, hunt) and 'fareb' (deception, trick, enchantment, from Persian farebidan).
प्रयोग
In the ghazal tradition, this epithet evokes the beloved as a perilous hunter whose beauty tricks the lover's heart into willing subjugation.
उदाहरण
नज़र का वो शिकार-फ़रेब अंदाज़
दाम-ए-उल्फ़त का वो शिकार-फ़रेब सैयाद
समानार्थी
फ़रेब-कारदाम-अफ़गनसय्यादमक्कार
संबंधित शब्द
सैददामसय्यादकमंद
