शब्दार्थ
शा'इर
sha'ir
hinoun
अर्थ
कवि, काव्य रचने वाला, पद्यकार।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'शा'इर' केवल तुक मिलाने वाला नहीं बल्कि गहरी संवेदना और कलात्मक समझ रखने वाला कवि होता है। इस शे'र में 'पहलवाँ' के साथ प्रयुक्त होकर यह शब्द एक ऐसे अपराजेय और सामर्थ्यवान कवि को दर्शाता है जिसका सामना करना आसान नहीं। यह भाषा और शिल्प पर पूर्ण अधिकार को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root ش-ع-ر (sh-'-r), meaning 'to perceive, know, or sense deeply'.
प्रयोग
In the classical ghazal, the poet often self-referentially invokes the persona of the 'sha'ir' in the final couplet (maqta) to proclaim pride in their art or bemoan a poet's tragic fate.
उदाहरण
महफ़िल में उस शा'इर की आवाज़ गूंजने लगी।
सच्चा शा'इर वही है जो दिल की बात कह दे।
समानार्थी
कविसुख़नवरनाज़िम
संबंधित शब्द
शे'रशाइरीमुशा'इरासुख़न
