शब्दार्थ
शाइ'री
shaa'irī
hinoun (feminine)
अर्थ
कविता, काव्य-रचना या पद्य-कला।
विस्तार
यह शब्द काव्य-रचना की कला अथवा समूची पद्य-सृष्टि को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में कवि अपनी काव्य-कला के प्रति विनम्रता दिखाते हुए कहता है कि दुनिया उसकी 'शाइ'री' से नहीं बल्कि उसकी फ़क़ीराना बेनियाज़ी ('क़लंदरी') से प्रभावित हुई है। यह शास्त्रीय ग़ज़ल की एक प्रचलित विनम्रता-शैली है।
व्युत्पत्ति
Arabic origin, derived from the root 'sh-‘-r' (ش-ع-ر) meaning to perceive or know, from which 'shā‘ir' (poet) is formed, with the Persian abstract suffix '-ī'.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, poets often speak of their 'shaa'irī' in the concluding couplet (maqta) either with proud self-praise (ta'alli) or conscious humility.
उदाहरण
शाइ'री दिल की लगी का बयान है।
उनका सारा जीवन शाइ'री की नज़र हो गया।
समानार्थी
सुख़ननज़्म-गोईक़सीदा-गोई
संबंधित शब्द
शे'रशाइ'रमुशायरा
