शब्दार्थ

शुआअ

shu'aa

hinoun

अर्थ

रोशनी या धूप की किरण, प्रकाश।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'शुआअ' का अर्थ सूर्य अथवा किसी प्रकाश-स्रोत से फूटने वाली किरण है। प्रस्तुत शेर में यह 'तार-ए-शुआअ' (किरण का तार या धागा) के रूप में आया है, जो ढलते हुए सूरज की क्षीण रोशनी का प्रतीक है। यह शब्द नज़ाकत, तजल्ली और रुख़्सत होती रौशनी के रूपक के तौर पर प्रयुक्त होता है।

व्युत्पत्ति

Arabic, from the triconsonantal root sh-'-' (ش ع ع), meaning to scatter rays or radiate light.

प्रयोग

It is often employed in classical ghazal imagery to depict divine manifestation, the fragile warmth of hope, or the subtle glint of morning and evening light.

उदाहरण

तार-ए-शुआअ-ए-आफ़ताब

शुआअ-ए-उम्मीद की झलक

समानार्थी

किरणपर्तवरश्मि

संबंधित शब्द

आफ़ताबतजल्लीज़ियामेहर
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