शब्दार्थ
वहशत-ख़िरामी-हा
wahshat-khirāmī-hā
hinoun
अर्थ
दीवानावार चालें या वहशत भरी रफ़्तारें
विस्तार
यह 'वहशत' (पागलपन/उजाड़) और 'ख़िरामी' (चाल) के मेल से बना फ़ारसी यौगिक शब्द है, जिसमें बहुवचन प्रत्यय '-हा' जुड़ा है। यह इश्क़ की दीवानगी में होने वाली बे-मक़सद और बेख़ुद भटकन या चालों को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शेर में यह लैला की उस उन्मुक्त और बेरोकटोक गति को दर्शाता है जिसे रोकने की कोई सीमा नहीं थी।
व्युत्पत्ति
Arabic 'wahshat' (wildness, solitude) + Persian 'kharāmī' (from kharāmīdan, to strut or walk gracefully) + Persian plural suffix '-hā'.
प्रयोग
Found exclusively in high-register, Persianized Urdu ghazal (such as Ghalib's) to convey the contradictory blend of frenzy and graceful movement.
उदाहरण
दश्त में वहशत-ख़िरामी-हा का आलम
लैला की वहशत-ख़िरामी-हा का शोर
समानार्थी
जुनूँ-ख़िरामीआशुफ़्ता-रफ़्तारीसहरा-नवर्दी
संबंधित शब्द
वहशतख़िरामख़ुश-ख़िरामसहरा-गर्दी
