शब्दार्थ
वहशत-अफ़्ज़ा
wahshat-afza
hiadjective
अर्थ
घबराहट, दीवानगी या वीरानापन बढ़ाने वाला।
विस्तार
यह 'वहशत' (भय, पागलपन, एकांत) और 'अफ़्ज़ा' (बढ़ाने वाला) से मिलकर बना विशेषण है। शायरी में इसका प्रयोग उस परिस्थिति के लिए होता है जो मन के सूनेपन या दीवानेपन को और गहरा कर दे। प्रस्तुत शेर में यह उन विलापों और आंसुओं की तीव्रता को दर्शाता है जो बहार के आगमन पर दीवानगी को और अधिक बढ़ा देते हैं।
व्युत्पत्ति
Arabic 'wahshat' (loneliness, terror, wildness) + Persian 'afza' (stem of afzudan, to augment/increase).
प्रयोग
Frequently employed in the ghazal tradition to depict how beauty, spring, or absolute solitude accentuates the lover's frenzy.
उदाहरण
शाम का वहशत-अफ़्ज़ा सन्नाटा
बहार की वहशत-अफ़्ज़ा हवाएं
समानार्थी
वहशत-अंगेज़वहशत-नाकदहशत-अफ़्ज़ा
संबंधित शब्द
वहशतगिर्याजुनूँदीवानगी
