शब्दार्थ
वतन-दारीयों
vatan-dāriyoṁ
hinoun
अर्थ
देशभक्ति के सरोकार, वतन से वाबस्तगियाँ या नागरिकता।
विस्तार
'वतन-दारी' का आशय वतन से लगाव, देश-प्रेम के सरोकारों अथवा नागरिकता के कर्तव्यों से है। इस शे'र में शायर इस विडंबना को रेखांकित करता है कि लोग वतन की वाबस्तगियों पर अपनी जान न्योछावर करते हैं, जबकि वास्तव में हर किसी को इस फ़ानी दुनिया से कूच कर जाना है। यह सांसारिक बंधनों की नश्वरता को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Formed from Arabic 'waṭan' (homeland) and the Persian suffix '-dārī' (holding, observing), followed by the Hindi-Urdu plural oblique suffix '-oṁ'.
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it often appears in reflective or philosophical contexts contrasting patriotic commitments with the metaphysical transience of life.
उदाहरण
वतन-दारी के तकाज़े निभाना
वतन-दारी की रस्मों में उलझना
समानार्थी
देश-प्रेमवफ़ादारीहुब्ब-ए-वतन
संबंधित शब्द
वतनवतन-परस्तीहुब्ब-उल-वतनीसफ़र
