शब्दार्थ
वज्द
wajd
hinoun
अर्थ
परमानंद, भावावेश, सूफ़ी समाधि या बेखुदी की स्थिति।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू और सूफ़ी शायरी में 'वज्द' आध्यात्मिक परमानंद, बेखुदी या भावविभोर अवस्था को कहते हैं जिसमें होश-ओ-हवास मिट जाते हैं। इस शेर में यह बिजली के तीव्र और दीवाने उत्साह ('वज्द-ए-बर्क़') को दर्शाता है जो ख़लिहान पर परवाने की तरह मंडराती है। यह चरम जुनून और आत्म-विस्मृति का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Arabic (و-ج-د / w-j-d), denoting intense passion, grief, finding, or ecstatic trance.
प्रयोग
In the ghazal, it commonly describes the lover or mystic driven to an ecstatic frenzy, trance, or ecstatic dance upon witnessing ultimate beauty.
उदाहरण
हाल-ए-वज्द में झूमना
आशिक़ों का वज्द-ओ-हाल
समानार्थी
हालबेखुदीसरमस्तीकैफ़
संबंधित शब्द
वजूदमौजूदविजदान
