शब्दार्थ
वाह
waah / vaah
hiinterjection
अर्थ
शाबाश!, बहुत खूब!, क्या बात है!; प्रशंसा, विस्मय या आनंद प्रकट करने वाला उद्गार।
विस्तार
उर्दू और हिंदी काव्य संस्कृति और मुशायरों में 'वाह' एक अत्यंत लोकप्रिय शब्द है, जिसका उपयोग किसी उत्कृष्ट शेर, भाव या कला पर दाद (प्रशंसा) देने के लिए किया जाता है। इसे दोहराकर 'वाह-वाह' के रूप में भी अत्यधिक आनंद और प्रशंसा व्यक्त करने हेतु बोला जाता है।
व्युत्पत्ति
Persian 'واہ' (wāh), expressing admiration, wonder, or delight.
प्रयोग
A vital element of the etiquette of Mehfil-e-Mushaira, where spontaneous utterance of 'wah' is considered the ultimate reward and encouragement for a poet.
उदाहरण
शायर ने जैसे ही मतला पढ़ा, पूरी महफ़िल से 'वाह-वाह' की सदाएँ गूँज उठीं।
समानार्थी
शाबाशबहुत खूबआफ़रींसुभानअल्लाहमरहबा
संबंधित शब्द
वाह-वाहदादतहसीनआफ़रींसुभानअल्लाह
