शब्दार्थ

वास्ते

vaaste

hipostposition

अर्थ

के लिए, की ख़ातिर, किस कारण से।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'वास्ते' का प्रयोग आमतौर पर 'की ख़ातिर' या 'के लिए' के अर्थ में होता है। इस शेर में 'किस वास्ते' का अर्थ 'किस कारण से' या 'क्यों' है। यहाँ शायर सवाल करता है कि उसे किस वजह से अज़ीज़ नहीं समझा जाता।

व्युत्पत्ति

Arabic wāsitah (واسطة), meaning means, medium, or intermediary, adapted into Persian and Urdu as an oblique form meaning 'for the sake of'.

प्रयोग

Frequently used in ghazals both to indicate devotion ('tere vaaste') and to frame rhetorical questions of reproach ('kis vaaste').

उदाहरण

किस वास्ते मुझ से ये बे-रुख़ी है

तेरे वास्ते जान भी निसार है

समानार्थी

लिएख़ातिरकारणसबब

संबंधित शब्द

वास्ताब-वास्ताबे-वास्ता
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