शब्दार्थ
वाशुद
vāshud
hinoun
अर्थ
खुलना, प्रफुल्लता, फैलाव या दिल का खिलना।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'वाशुद' का तात्पर्य दिल के खिलने, प्रफुल्लता अथवा घुटन से मुक्ति पाने से है। प्रस्तुत शे'र में यह दिल की उस हल्की राहत और फैलाव को दर्शाता है जो पहले आह भरने से मिल जाया करती थी।
व्युत्पत्ति
Persian, verbal noun from 'vā shudan' (to open, unclose, or expand).
प्रयोग
Commonly used in ghazals to evoke the relief, unfastening of emotional knots, or blossoming of a distressed heart.
उदाहरण
वाशुद-ए-दिल की तमन्ना
वाशुद-ए-उक़्दा-ए-मुश्किल
समानार्थी
कुशादगीइन्बसातशगुफ़्तगी
संबंधित शब्द
वा-शुदावा-कर्दनदिल-कुशा
