शब्दार्थ
वारस्तगी
vārastagī
hinoun
अर्थ
सांसारिक बंधनों और मोह-माया से मुक्ति या विरक्ति।
विस्तार
वारस्तगी का आशय सांसारिक मोह-माया, प्रेम के बंधनों और चिंताओं से पूर्ण मुक्ति या बे-तअल्लुक़ी से है। इस शे'र में आशिक़ अपने उस दावे की ओर संकेत करता है कि वह दिल के मामलों से पूरी तरह आज़ाद हो चुका था, मगर माशूक़ की ज़ुल्फ़ों के जाल से उसकी यह विरक्ति ख़तरे में पड़ गई है।
व्युत्पत्ति
Persian, from the verb 'vārastan' (to be saved, to be liberated) + noun suffix '-gī'.
प्रयोग
In classical Urdu poetry, vārastagī represents the philosophical ideal of complete detachment, which is paradoxically undone by the irresistible beauty of the beloved.
उदाहरण
वारस्तगी का दावा टूटना
क़ैद-ए-हयात से वारस्तगी
समानार्थी
आज़ादीरिहाईबे-तअल्लुक़ीफ़रागत
संबंधित शब्द
वारस्ताबे-नियाज़ीआज़ाद
