शब्दार्थ
लगने
lagne
hiverb (infinitive, oblique form
अर्थ
चोट या घाव का प्रहार होना, लगना।
विस्तार
इस शेर में 'लगने' का अर्थ दिल पर ज़ख़्म-ए-कारी (घातक घाव) का प्रहार होने या धँसने से है। यहाँ यह 'पाना' क्रिया के साथ मिलकर 'लगने न पाया' (प्रहार न हो सका) का विवशतापूर्ण भाव व्यक्त करता है। शायर अफ़सोस जताता है कि क़ातिल का हाथ पहले ही थक गया और दिल पर एक भी मुकम्मल वार न हो सका।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'लग्' (lag, meaning to cling, adhere, or contact), through Prakrit 'लग्गइ' (laggai) to Hindustani 'लगना'.
प्रयोग
Frequently paired with terms for wounds ('ज़ख़्म') or arrows ('तीर') in ghazal poetry to dramatize the suffering caused by the beloved's cruelty.
उदाहरण
तीर कोई सीने पे लगने न पाया
दिल पे ज़ख़्म लगने की देर थी
समानार्थी
पड़नेबैठनेधँसने
संबंधित शब्द
लगनालगावलगाना
