शब्दार्थ
लक़
laq
hiadjective
अर्थ
वीराना, बंजर, उजाड़ (प्रायः 'लक़-ओ-दक़' में प्रयुक्त)।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'लक़' प्रायः 'लक़-ओ-दक़' के युग्म में प्रयुक्त होता है, जिसका अर्थ अंतहीन, सूना और बंजर मैदान या जंगल होता है। इस शेर में अपने गिरेबाँ में झांकने पर दिल की अथाह वीरानी और एकांत की भयावहता को दर्शाने के लिए यह शब्द आया है। यह प्रेमी के भीतर छिपे सूनेपन और उजाड़ को प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (laqq, meaning a level waste or bare tract of ground)
प्रयोग
In the ghazal tradition, it almost always pairs with 'daq' to evoke an infinite, arid wasteland mirroring existential or emotional isolation.
उदाहरण
लक़-ओ-दक़ सहरा में भटकना
दिल का लक़-ओ-दक़ वीराना
समानार्थी
वीरानाउजाड़बंजरसुनसान
संबंधित शब्द
लक़-ओ-दक़दक़जंगलसहरा
