शब्दार्थ
लौह
lauh
hinoun
अर्थ
तख़्ती, शिलालेख या क़ब्र का कतबा।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'लौह' का अर्थ तख़्ती, शिलापट्ट या मज़ार पर लगा कतबा होता है। इस शे'र में यह 'लौह-ए-मज़ार' (क़ब्र की तख़्ती) के रूप में प्रयुक्त हुआ है जो हज़रत बेदिल के मक़बरे का प्रतीक है। कवि उस पर अंकित शब्दों को गहरे अर्थों की उड़ान का स्रोत मानता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (l-w-ḥ), meaning a plank, board, or inscribed tablet.
प्रयोग
Frequently paired with 'qalam' to denote destiny or fate, and with 'mazaar' to denote an epitaph.
उदाहरण
लौह-ओ-क़लम पे जो लिखा मिटा नहीं
लौह-ए-मज़ार पर इक आह दर्ज थी
समानार्थी
तख़्तीकतबापट्टिका
संबंधित शब्द
लौह-ओ-क़लमलौह-ए-मज़ारलौह-ए-महफ़ूज़
